

मनोज दत्त
दिसंबर 2025 में भारतीय डेफ क्रिकेट ने दुबई में इतिहास रच दिया। शारजाह स्थित डीसीएस यू सेलेक्ट्स एरीना में आयोजित तीन मैचों की T20 डेफ क्रिकेट श्रृंखला में इंडियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन (IDCA) की भारतीय टीम ने इनक्लूसिव वॉरियर्स डेफ दुबई (IWDD) को 3–0 से पराजित कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। यह दौरा 11 से 13 दिसंबर 2025 तक चला और भारतीय खिलाड़ियों ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया।
पहले T20 मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 212/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया और दुबई की टीम को 123 रनों पर समेटते हुए 89 रनों से जीत दर्ज की। दूसरे मैच में दुबई की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी कर 134/8 रन बनाए, जिसे भारतीय टीम ने मात्र 11.3 ओवर में हासिल कर 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया। तीसरे और अंतिम T20 मैच में भारत ने 187/4 का स्कोर बनाया और IWDD को 124 रनों पर रोकते हुए 63 रनों से जीत हासिल की। इस श्रृंखला में संतोष कुमार महापात्रा और वीरेंद्र सिंह का प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा, जबकि वीरेंद्र सिंह को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ चुना गया।

यह दुबई दौरा केवल जीत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने भारतीय मूक-बधिर क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया। इस सफलता में भारतीय टीम के मुख्य कोच देव दत्त की रणनीतिक सोच, अनुशासित प्रशिक्षण और खिलाड़ियों के साथ उनके निरंतर मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सुमित जैन: इस सफलता के सूत्रधार
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे IDCA के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुमित जैन की दूरदर्शिता, नेतृत्व और निरंतर प्रयास प्रमुख रहे। वर्ष 2020 में इंडियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन की स्थापना कर उन्होंने मूक-बधिर खिलाड़ियों को संगठित मंच, संरचित प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसर प्रदान करने का सपना साकार किया। उनके नेतृत्व में IDCA आज भारत में डेफ क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था बन चुकी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर रही है।
सुमित जैन का विश्वास है कि प्रतिभा किसी भी शारीरिक बाधा से सीमित नहीं होती—उसे केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की आवश्यकता होती है। दुबई दौरे में मिली ऐतिहासिक जीत उनके इसी विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
रीना जैन: सशक्तिकरण की शांत लेकिन मजबूत शक्ति
रीना जैन ने मूक-बधिर खिलाड़ियों के सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे खिलाड़ियों और उनके परिवारों के साथ निरंतर संवाद, प्रोत्साहन और सहयोग के माध्यम से इस आंदोलन को मजबूती प्रदान करती रही हैं। उनका योगदान यह सुनिश्चित करता है कि खिलाड़ी केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
रीना जैन की संवेदनशील सोच और समावेशी दृष्टिकोण ने डेफ क्रिकेट को एक सामाजिक परिवर्तन की दिशा दी है।

खिलाड़ियों और नेतृत्व की आवाज़
“हमारी सुनने की क्षमता अलग हो सकती है, लेकिन हमारे सपनों की आवाज़ पूरी दुनिया सुन सकती है।”
— भारतीय डेफ क्रिकेट खिलाड़ी
“जब विश्वास, मेहनत और अवसर एक साथ आते हैं, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं रहती।”
— टीम भावना का संदेश
“मूक–बधिर खिलाड़ी किसी सहानुभूति के नहीं, बल्कि समान अवसर और सम्मान के हक़दार हैं। IDCA का उद्देश्य उन्हें वह मंच देना है, जहाँ वे अपनी प्रतिभा से पहचान बना सकें।”
— सुमित जैन, अध्यक्ष, IDCA

“खेल केवल जीत या हार नहीं होता, यह आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और जीवन में आगे बढ़ने का माध्यम है। जब हम खिलाड़ियों पर विश्वास करते हैं, तो वे खुद पर विश्वास करना सीखते हैं।”
— रीना जैन

ये प्रेरक विचार इस पूरी यात्रा की आत्मा हैं और समाज को यह संदेश देते हैं कि समावेशन और समानता से ही सशक्त भविष्य का निर्माण संभव है।
कॉर्पोरेट साझेदारों का महत्वपूर्ण सहयोग
IDCA की इस सफलता यात्रा में कॉर्पोरेट साझेदारों का सहयोग भी अत्यंत सराहनीय रहा है। Serum Institute of India (Cyrus Poonawalla Group), KFC India, Hero (We Care – A Hero MotoCorp CSR Initiative), Kaizzen, Impact Research & Measurement Pvt. Ltd., Shiv Naresh Sports Pvt. Ltd. तथा RB Foundation जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों ने संसाधन, प्रोत्साहन और विश्वास के माध्यम से डेफ क्रिकेट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
समावेशी भविष्य की ओर एक मजबूत कदम
आज IDCA के माध्यम से सैकड़ों मूक-बधिर खिलाड़ी अपने सपनों को पंख दे रहे हैं। दुबई दौरे जैसी अंतरराष्ट्रीय सफलताएँ इस बात का प्रमाण हैं कि सुमित जैन और रीना जैन के संयुक्त प्रयासों से मूक-बधिर क्रिकेट भारत में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। यह यात्रा न केवल खेल की जीत है, बल्कि समानता, सम्मान और समावेशन की भी विजय है।
