दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से शिक्षा प्राप्त स्व. अरुण जेटली (1952–2019) ने वकालत और छात्र राजनीति से राष्ट्रीय मंच पर एक ऊँचा स्थान बनाया। उन्होंने अपनी अद्वितीय वक्तृत्व क्षमता और गहरी समझदारी से जल्द ही एक प्रभावशाली नेता के रूप में पहचान बनाई। राजनीति के साथ-साथ खेल प्रशासन में भी उनकी अहम भूमिका रही—वे DDCA के अध्यक्ष और BCCI के उपाध्यक्ष रहे।
अपने सार्वजनिक जीवन में, स्व. जेटली ने वित्त मंत्री के रूप में देश की आर्थिक स्थिरता और सुधारों के लिए कार्य किया। वस्तु एवं सेवा कर (GST), दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) और रेलवे बजट का सामान्य बजट में विलय जैसी ऐतिहासिक पहलें उनकी दूरदर्शिता को दर्शाती हैं। सरल स्वभाव, तार्किक बहस और संवेदनशील नेतृत्व ने उन्हें राजनीतिक विरोधियों के बीच भी सम्मान दिलाया।
उनकी पुण्यतिथि—24 अगस्त 2025—से जुड़े कार्यक्रम में DDCA ने अरुण जेटली स्टेडियम पर विशेष पौधरोपण अभियान आयोजित किया। इस भावपूर्ण आयोजन में उनके परिवार के सदस्य—पत्नी संगीता जेटली, पुत्र रोहन जेटली (उनकी पत्नी मेहरुन्निसा आनंद जेटली सहित), बेटी सोनाली जेटली बख़शी, तथा पोती आधीरा जेटली—भी उपस्थित रहे, जिन्होंने औपचारिक श्रद्धांजलि में खोई और भावनात्मक गहराई जोड़ी
उनकी पुण्यतिथि, 24 अगस्त 2025 को, DDCA ने उनके स्मरण में अरुण जेटली स्टेडियम पर एक विशेष पौधरोपण अभियान आयोजित किया। इसमें DDCA अध्यक्ष रोहन जेटली, Servotech Renewable Power System Limited के प्रबंध निदेशक रमन भाटिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है बल्कि स्व. जेटली की दूरदर्शी सोच को भी स्मरण कराती है।
आज हम उन्हें केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक, कुशल प्रशासक और संवेदनशील व्यक्ति के रूप में याद करते हैं। देश उनकी सेवाओं को सदैव स्मरण करेगा।